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यूपी में दलित वोटों को साधने की सियासत तेज, अखिलेश ने रिजर्व सीटों पर बढ़ाया फोकस, BJP ने भी बनाई रणनीति

 Reported By: Ruchi Kumar,  Written By: Niraj Kumar
 Published : Sep 21, 2026 05:57 pm IST,  Updated : Sep 21, 2026 06:45 pm IST

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दलितों को लुभाने की पूरी कोशिश तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की ओर से पूरा फोकस दलित वोटों को साधने पर है।

Akhilesh yadav, Yogi Adityanath- India TV Hindi
अखिलेश यादव, योगी आदित्यनाथ, Image Source : PTI

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में अब कुछ महीने बाकी रह गए हैं। प्रदेश की करीब 21 फीसदी दलित आबादी के वोटों को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस कड़ी में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने  आज  प्रदेश की आरक्षित (रिज़र्व) विधानसभा सीटों के पदाधिकारियों की अहम बैठक बुलाई। उन्होंने इस बैठक के जरिए दलित वोटों पर पार्टी की रणनीति को धार देने की कोशिश की। समाजवादी पार्टी का ध्यान प्रदेश की कुल 86 रिज़र्व सीटों में से उन 65 सीटों पर है, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में करीब 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। पार्टी का मुख्य फोकस दलित समाज को अपने साथ जोड़ने पर है। 

अखिलेश लगातार दलितों के मुद्दे उठा रहे हैं

अखिलेश यादव लगातार दलित और संविधान से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 151 मूर्तियां तोड़ी जा चुकी हैं। समाजवादी पार्टी की रणनीति में पार्टी के संगठन को दलित समाज के बीच मजबूत करना भी शामिल है। सूत्रों के मुताबिक बसपा प्रमुख मायावती के पारिवारिक झगड़ो  में फंसे होने का फायदा समाजवादी पार्टी उठाना चाहती है। सपा छात्र सभा की नीली ड्रेस और अखिलेश यादव पहले ही नीला गमछा पहन चुके है और छात्र सभा की ड्रेस नीली कर चुके हैं ।

दलित सपा को वोट नहीं देगा-ब्रजेश पाठक

उधर, बीजेपी भी अखिलेश यादव के इस दांव का काट ढूंढ रही है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का कहना है कि "अखिलेश यादव चाहें अपना पूरा शरीर नीला कर लें, तब भी दलित समाज समाजवादी पार्टी को वोट नहीं देगा।" बीजेपी 2024 के लोकसभा चुनावों में हुए दलित वोट बैंक के नुकसान की भरपाई में जुट गई है। योगी सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर और अन्य दलित महापुरुषों की मूर्तियों, स्मारकों और पार्कों के सुंदरीकरण व सुरक्षा के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इसके तहत हर विधानसभा  में  लगभग 10 स्मारकों व मूर्तियों के आसपास बाउंड्री वॉल और ग्रिल लगाने का काम किया जाएगा।

बीएसपी का वोट बीजेपी में हुआ शिफ्ट?

दरअसल, बसपा प्रमुख मायावती दलितों की सबसे बड़ी नेता मानी जाती रही हैं। मायावती चार बार यूपी की मुख्यमंत्री रहीं। मायावती ने 2017 में बहुमत की सरकार बनाई, लेकिन 2014 से बड़े पैमाने पर दलित वोट मायावती की बीएसपी से बीजेपी में शिफ्ट हो गया। एक सर्वे के मुताबिक 2024 में मायावती को 44 फीसदी जाटव मिला, इंडिया गठबन्धन को 25 फीसदी और एनडीए को  24 फीसदी वोट मिला। गैर जाटव वोट में इंडिया गठबन्धन को 56 फीसदी,एनडीए को 29 फीसदी और बसपा को सिर्फ 15 फीसदी वोट मिले।अब अखिलेश यादव की कोशिश है कि उनके दलित वोट बढ़े और बीजेपी 2024 के लोकसभा चुनाव में दलित वोट के नुकसान की भरपाई करने की कोशिश में है।

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